मेरे टूटे हुए दिल पे आयी एक दस्तक
एक अरसा बीत गया था , कईं साल गुज़र चुके थे।
मैंने कर दिया अनदेखा उसे , मेरे मन का ब्रह्म समझ के
कुछ दिनों बाद फिर से वही दस्तक सुनी।
किवाड़ खोली तोह देखा, उसे, त्वरित साँसे साफ़ सुनाई देती थी
अविलंभ हाथ बढ़ाते हुए कहा उसने, इंतज़ार है तुम्हारा।
अचम्भा हुआ और डर भी, विश्वास टूट चूका था पहले ही,
मेरी हिचकिचाहट पहचानी उसने।
हाथ और बढाकर कहा, थाम्ब लो,
माइने पता थे मुझे, एक ओर डर पर उसकी बाज़ुओ पर भरोसा भी।
ग़ौर से देखा और थामा उसका हाथ
“शुक्रिया, छोडूंगा नहीं कभी। “
मैंने भी मुस्कुराते कहा “पहले तुटी थी अब तोह बिखजाउंगी।
2 Comments
it is sweet shweta…
guess her words are – pehle tooti thi, ab bikhar jaungi …
to me these words rings sensuous.. don’t know how you meant hem 😛 😉
I really like when my friends provide a different perspective to my words. And am glad you found the lines sensuous. I really appreciate your comment Kokila 🙂