मुतज़ाद – The opposites

    मुतज़ाद   ख्वाइशों की बिजलियाँ गरजी बिस्तर पे तन्हाइयों का शोर कातिलाना रहा   मौसम बदले साथ करवटें भी         इस प्यास को बुझाने का सलीक़ा न मिला   अर्श – ए – ज़िम उम्मीद छोड़ ताब रखा कमज़ोर ...Read More